रेल मंत्री ने खड़े किए हाथ, कहा- अब ना नई ट्रेन ना ही नया स्टॉपेज

निकट भविष्य में ना तो ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और ना ही ट्रेनों का स्टॉपेज बढ़ाने की मांग की स्वीकार की जाएगी। लोकसभा में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने खराब बुनियादी ढांचा का हवाला देते हुए कहा कि फिलहाल रेलवे ऐसी मांगों को पूरा करने में बिल्कुल असमर्थ है। गोयल ने बृहस्पतिवार से रेलवे पर होने वाली चर्चा में भी सांसदों से इस तरह की मांगें न करने की अपील की।प्रश्नकाल के दौरान गोरखपुर के सांसद रविकिशन के सवाल के जवाब में गोयल ने कहा कि आजादी के बाद 65 वर्षों में रेलवे के बुनियादी ढांचे में मजबूती पर ध्यान नहीं दिया गया। इस दौरान बुनियादी ढांचे में महज 30 फीसदी ही बढ़ोत्तरी हुई। हालत यह है कि वर्तमान पटरी पर इससे अधिक ट्रेन चलाना संभव ही नहीं है। जितनी ट्रेनें चलाई जा रही है, उसी को चलाए रखना बड़ी चुनौती है।


रेल मंत्री ने कहा कि हमें पता है कि देश में नई ट्रेनों की जरूरत है, मगर हम चाह कर भी इस तरह की मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इस दौरान गोयल ने कहा कि ट्रेनों का स्टॉपेज बढ़ाने पर भी लेटलतीफी सहित कई तरह की समस्या खड़ी होती है। ऐसे में रेलवे नई ट्रेनें और स्टॉपेज बढ़ाने जैसी मांगों को पूरी करने की स्थिति में नहीं है। गोयल ने सांसदों से इस तरह की मांग न करने की अपील करते हुए कहा कि सदन में होने वाली चर्चा में भी सभी बुनियादी ढांचे में सुधार पर ही अपना सुझाव दें।


निवेश से ही बदलेगी तस्वीर


रेल मंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव के बिना रेलवे की स्थिति में बदलाव मुश्किल है। अब 12 सालों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इस निवेश से बुनियादी ढांचे में मजबूती ला कर रेलवे की कार्यप्रणाली में आमूल चूल बदलाव लाया जाएगा।